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Sunday, July 11, 2021

चैन प्रिंटर क्या है हिंदी में

 चैन प्रिंटर क्या हैं? आइए जानें इसकी पूरी जानकारी हिंदी में

चैन प्रिंटर (Chain Printer)

इस प्रिंटर में तेज घूमने वाली एक चैन होती है, जिसे प्रिंट चेन कहते हैं। चैन में कैरेक्टर छपे होते है, प्रत्येक कड़ी में एक कैरेक्टर का फोंट (Font) होता हैं। प्रत्येक प्रिंट पोजीशन पर हैमर लगे होते हैं। जिससे हैमर कागज पर टकराकर एक बार में एक लाइन प्रिंट करता हैं। 

या

इन प्रिंटर्स में तेज गति से घूमने वाली चैन लगी होती है जिसे प्रिंट चैन कहते हैं। चैन के प्रत्येक जोड़ पर एक अक्षर भरा रहता है। प्रत्येक प्रिंट वाले स्थान पर छोटे हाथोंडे लगे होते हैं। जिस कागज को प्रिंट करना होता है उसे हथौड़े व रिबन के बीच में रखा जाता है। यह प्रिंटर सीपीयू में सूचनाओं की पूरी एक लाइन पढ़ता है और छपाई के लिए भेज देता है। जब चैन घूमती है तो अक्षर प्रिंट स्थान के सामने आता है तो उस स्थान पर कागज पर हथौड़े की चोट से अक्षर छप जाता है। जब पूरी लाइन छप जाती है तो कागज पर रोल एक लाइन ऊपर घूम जाता है और प्रिंटर सीपीयू से अगली लाइन पड़ता है व छपता है। ये प्रिंटर भी एक समय में एक लाइन प्रिंट करते हैं

इंक जेट प्रिंटर क्या है? इसके फायदे और नुक्सान

  इंक जेट प्रिंटर क्या हैं? इसके फायदे और नुक्सान क्या है आइए जानें इसकी पूरी जानकारी हिंदी में

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Ink Jet Printer


इंक जेट प्रिंटर (Ink Jet Printer)

यह आवश्यक छवि बनाने के लिए कागज पर स्याही की बूंदों को प्रक्षेपित करने की तकनीक का उपयोग करता है। इंक-जेट प्रिंटर 64 छोटे नोजल के माध्यम से स्याही का छिड़काव करके सीधे कागज पर एक छवि बनाता है। यह लगभग 360 डॉट प्रति इंच का प्रिंट रिज़ॉल्यूशन प्रदान करता है।

या

इस प्रकार के प्रिंटर में कागज पर स्याही की फुहार द्वारा छोटे-छोटे बिंदु डालकर छपाई की जाती है। इसकी छपाई की गुणवत्ता भी अच्छी होती है ये विभिन्न प्रकार के रंगों द्वारा अक्षर और चित्र छाप सकते हैं इन प्रिंटरों में छपाई के लिए A4 अकार के पेपर का प्रयोग करते हैं। इंकजेट प्रिंटर में रिबन के स्थान पर गिरी स्याही से भरा हुआ। कार्ट्रिज लगाया जाता है। यह कार्ट्रिज एक जोड़े के रूप में होता है। एक कार्ट्रिज में काली स्याही तथा दूसरी कार्ट्रिज में मजेण्टा, पीला रंग और सियान रंग (Green-Bluish) की स्याही भरी जाती है। कार्ट्रिज ही इस प्रिण्टर का हेड होता है, जो कागज पर स्याही की फुहार छोड़कर छपाई करता है। इंकजेट प्रिण्टर को प्रायः समानान्तर पोर्ट के माध्यम से कम्प्यूटर के साथ जोड़ा जाता है। आजकल USB पोर्ट वाले इंकजेट प्रिण्टर प्रयोग किए जाते हैं। इसमें रोजाना एक या दो पेज प्रिण्ट करने चाहिए, जिससे इसका कार्ट्रिज गीला रहता है और बेकार नहीं होता है।

लाभ (Advantages)

  1. कई इंक-जेट प्रिंटरों को असामान्य प्रतीकों को मुद्रित करने के लिए भी प्रोग्राम किया जा सकता है जैसे; जापानी या चीनी वर्ण।
  2. यह डॉट-मैट्रिक्स और लेजर प्रिंटर के बीच एक उत्कृष्ट मध्य मैदान प्रदान करता है।
  3. मल्टीपल-नोजल प्रिंट हेड्स उन्हें कई रंगों में प्रिंट करने में सक्षम बनाता है।

नुकसान (Disadvantages)

  1. वे एक समय में केवल एक वर्ण बना सकते हैं और इसलिए लाइन प्रिंटर की प्रिंट गति से मेल नहीं खा सकते हैं।
  2. वे महंगे हैं।

Friday, July 9, 2021

लाइन प्रिंटर क्या है? इसके फायदे और नुकसान क्या है

लाइन प्रिंटर क्या है? और इसके फायदे और नुकसान क्या है आइए जानें पूरी जानकारी हिंदी में

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लाइन प्रिंटर (Line Printer) 

इस प्रकार के प्रिंटर के द्वारा एक बार में पूरी एक लाइन प्रिंट होती है। इसलिए इसे लाइन प्रिंटर कहते हैं। इसकी प्रिंटिंग की क्वालिटी ज्यादा अच्छी नहीं होती है, लेकिन प्रिंटिंग की गति काफी तेज होती है। यह एक लाइन में 132 से 136 कैरेक्टर तक प्रिन्ट कर सकते हैं।

या

इस प्रकार के प्रिन्टर एक समय में एक पूरी पंक्ति छापते हैं। इस प्रकार के प्रिन्टर तीव्र गति से कार्य करते हैं। इनकी गति LPM (Line Per Minute) होती है। यह एक मिनट में 300 से 2500 लाइनों को प्रिन्ट कर सकते हैं। यह एक लाइन में 132 से 136 कैरेक्टर तक प्रिन्ट कर सकते हैं।इस प्रिंटर में इम्पैक्ट तकनीक का प्रयोग किया गया है।

फायदे (Advantages)

  1. इसकी प्रिंटिंग की गति बहुत तीव्र होती है।
  2. प्रति पेज छपाई की कीमत सस्ते होती हैं।
  3. समय में कार्य पूर्ण हो जाती हैं।

नुकसान (Disadvantages)

  1. यह प्रिंटर महंगे होते हैं।
  2. इसकी छपाई की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है।
  3. यह ग्राफिक्स के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।

Wednesday, July 7, 2021

यूजर इंटरफेस क्या है? GUI और CUI का फुल फॉर्म क्या हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं

यूजर इंटरफेस क्या है? GUI और CUI का फुल फॉर्म क्या हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं आइए जाने पूरी जानकारी हिंदी में

 
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यूजर इंटरफेस (User interface)

किसी कंप्यूटर सिस्टम एवं यूजर के बीच संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया यूजर इंटरफेस कहलाती है। यूजर इंटरफेस को ऐसे संसाधनों की संज्ञा दी जाती है, जिसके द्वारा एक ऑपरेटिंग सिस्टम या कोई अन्य प्रोग्राम प्रयोग कर्ता को प्रभावित करता है। 

यूजर इंटरफेस दो प्रकार के होते हैं— 

1. कैरेक्टर यूजर इंटरफेस (Character User Interface, CUI) 

इस प्रकार के इंटरफेस में यूजर को प्रत्येक कमांड के लिए विभिन्न 'की' (Key) को दबाना पड़ता है। इसे कमांड-ड्रिवन यूजर इंटरफेस भी कहा जाता है। डॉस (DOS) एवं यूनिक्स (UNIX) ऑपरेटिंग सिस्टम कैरेक्टर यूजर इंटरफेस के अंतर्गत आते हैं। 

2. ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface, GUI) 

इस इंटरफेस में ग्राफिक्स का प्रयोग कर सभी कार्य स्क्रीन पर प्रदर्शित तत्वों जैसे–चित्र, आइकन, मेंनू या विंडोज के प्रोग्राम से किया जाता है। Windows (95/98/2000/ME/XP/Vista/7), Macintosh, Motif, Linux आदि ऑपरेटिंग सिस्टम ग्राफिकल यूजर इंटरफेस के अंतर्गत आते हैं।

बूटिंग क्या है? कितने प्रकार के होते हैं

बूटिंग किसे कहते हैं वार्म बूटिंग और कोल्ड बूटिंग क्या है ? यह कितने प्रकार के होते हैं आइए जानें पूरी जानकारी हिंदी में

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बूटिंग (Booting)

             यूजर द्वारा कंप्यूटर या किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चालू करने की प्रक्रिया को बूटिंग कहा जाता है। बूटिंग प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही हम डेस्कटॉप को देख सकते हैं ।

 बूटिंग प्रक्रिया दो प्रकार के होते हैं—

  1. Warm Booting – Restart करना।
  2. Cold Booting – Shut down करना।

वार्म बूटिंग (Warm Booting)

                                          वार्म बूटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है। जिसका प्रयोग अधिकतर कुछ विशेष परिस्थितियों में किया जाता है।

 जैसे —

  • कंप्यूटर हैंग होने की स्थिति में।
  • सॉफ्टवेयर की सही ढंग से काम या कार्य न करने पर।

इसे वर्मा बूटिंग नाम इसलिए दिया गया है। क्योंकि इसमें पावर सप्लाई बंद नहीं होता है।

कोल्ड बूटिंग (Cold Booting)

                                            कोल्ड बूटिंग एक कंप्यूटर यूजर हमेशा सबसे पहले कोल्ड बूटिंगका प्रयोग करता है। इसे कोल्ड बूटिंग इसलिए कहा जाता है, क्योंकि हमें बंद सिस्टम को चालू करना पड़ता है।

Sunday, July 4, 2021

डेक्सटॉप क्या हैं? !! Desktop kya hai in hindi

 डेक्सटॉप क्या हैं? विंडोज  डेस्कटॉप की पूरी जानकारी आइए जानें हिन्दी में

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Desktop (डेक्सटॉप)

कंप्यूटर की आन होने पर जो स्क्रीन दिखाई देती है वह डेक्सटॉप कहलाती है यूजर को डेक्सटॉप पर कुछ महत्वपूर्ण चीजें दिखाई पड़ती है ।

जैसे— File, Folder, Icon, Shortcut (फाइल, फोल्डर, आइकन, शॉर्टकट)

आईकन (Icon)

आइकन एक छोटी-सी ग्राफिक फोटो है। जो किसी भी प्रोग्राम के क्रियान्वयन का प्रतिनिधित्व करती है। जब हम माउस द्वारा इस आइकन पर क्लिक करते हैं तो इससे संबंधित प्रोग्राम क्रियान्वित हो जाते हैं। इनका प्रयोग विंडोज वातावरण में होता है। इसके द्वारा प्रोग्राम फाइल तथा फोल्डर को डेस्कटॉप पर दर्शाया जाता है। तथा इसके नीचे प्रोग्राम फाइल या फोल्डर का नाम लिखा होता है। यह आइकन प्रोग्राम के प्रोग्राम के लिए क्रियान्वयन के लिए शॉर्टकट होते हैं डेस्कटॉप पर कुछ महत्वपूर्ण आइटम निम्न है—

(i) My Computer

डेस्कटॉप पर माई कंप्यूटर का आइकन एक छोटे से कंप्यूटर के रूप में होता है। इस आइकन में हमारे कंप्यूटर में उपस्थित प्रत्येक Drive, Software एवं प्रोग्राम की सूची होती है। किसी प्रोग्राम यह सॉफ्टवेयर पर कार्य करने से पहले उसका खोला जाना आवश्यक है। 

   इसके लिए हम My Computer आईकॉन पर डबल क्लिक करते हैं यह माई कंप्यूटर पर राइट क्लिक कर Open करने पर हमें किसी भी Drive तक पहुंच सकते हैं। 

           My Computer विंडो में बाई और एक पट्टी होती है। जिसमें उपयोगी कार्यों और स्थानों की लिंग भी होते हैं। वहीं दो की शेष भाग को कंटेंट एरिया कहा जाता है इसमें निम्नलिखित आइकंस होते हैं। Documents Or Folders symbol, Drive, Control Penal, आदि।

(ii) My Document 

कंप्यूटर सिस्टम का एक ऐसा क्षेत्र जहां हम अधिकतर अपने द्वारा बनाए गए फाइलों को सुरक्षित करके रखते हैं। और आवश्यकता होने पर यह जरूरत पड़ने पर हम अपने फाइलों को पुनः उपयोग में ला सकते हैं।

(iii) Recycle bin 

रीसायकल बिन हमारे डेक्सटॉप का एक महत्वपूर्ण भाग है जिसको डेस्कटॉप से कभी हटाया नहीं जा सकता हम इसे कंप्यूटर का डस्टबिन भी कर सकते हैं क्योंकि जब कंप्यूटर से किसी भी फाइल या फोल्डर सूचनाओं को डिलीट किया जाता है तब वह पूरी तरह से डिलीट ना होकर रीसायकल बिन में चले जाते है रीसायकल बिन से फाइलों या फुल दलों को पुनः उपयोग में लाने के लिए हमें रिस्टोर ऑप्शन का उपयोग करना पड़ता है ।

       यदि हमें किसी फाइल या फोल्डर को रिसाइकल बीन से हमेशा के लिए डिलीट करना है तब हम Empty the Recycle bin या शॉर्टकट की Shift + Deleted बटन का उपयोग कर सकते हैं ।

Friday, July 2, 2021

ड्रम प्रिंटर क्या है? और इसके फायदे और नुकसान क्या ह

ड्रम प्रिंटर क्या है? और इसके फायदे और नुकसान क्या है आइए जानें पूरी जानकारी हिंदी में

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ड्रम प्रिंटर (Drum Printer) 

ये एक प्रकार के लाइन प्रिंटर होते हैं, जिसमें एक बेलनाकार ड्रम लगातार घूमता रहता है। इस ड्रम में अक्षर उभरे हुए होते हैं। ड्रम और कागज के बीच में एक स्याही से लगा हुआ रिबन होता है। जिस स्थान पर अक्षर छापना होता है, उस स्थान पर हैमर कागज के साथ-साथ रिबन पर प्रहार करता है। रिबन पर प्रहार होने से रिबन ड्रम में लगे अक्षर पर दबाव डालता है, जिससे अक्षर कागज पर छप जाता है।

या

ड्रम प्रिंटर में बेलनाकार आकृति का ड्रम होता है। जिस पर छापे जाने वाले अक्षर अलग-अलग बैण्ड पर उभरे हुए रहते है। यह ड्रम तीव्र गति से घूमता है। वह इसके बैण्ड भी अलग-अलग घुमाने के लिए मुक्त होते हैं।प्रत्येक बैण्ड पर अक्षरों का एक पूर्ण सेट भरा रहता है। ड्रम के घूमने पर यह निश्चित अक्षर प्रिंट स्थिति से गुजरते हैं। तो धातु के छोटे हथोंडों द्वारा कागज पर चोट की जाती है। कागज स्याही के रिबन से टकराता है। वह अक्षर छप जाता है। 

इसकी प्रिंटिंग की गति 300 से 2000 लाइनों प्रति मिनट होती है। यह लाइन प्रिंटर होते हैं। तथा एक समय में पूर्ण लाइन छाप सकते हैं।

लाभ (Advantages) 

  • ये बहुत ही उच्च गति वाले प्रिंटर होते हैं।
  • बड़ी मात्रा में छपाई के लिए उपयुक्त हैं।
  • इसकी सहायता से कार्य शीघ्रता से पूर्ण की जा सकती है।

हानियां (Disadvantages) 

  • ये महंगे होते हैं।
  • यह प्रिंटर कुछ बड़े और भारी हो सकते हैं।
  • यह आवाज नहीं करता है।
  • इसका वर्ण फोंट बदला नहीं जा सकता हैं।

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